
झांसी।राज कुमार शर्मा| बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित परंपरागत खेल प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
परंपरागत खेल हमारी सांस्कृतिक विरासत: कुलपति
मुख्य अतिथि प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा कि भारतीय परंपरागत खेल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इन खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से इन खेलों को अपनाकर उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
स्वस्थ खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि परंपरागत खेल भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संवाहक हैं। विश्वविद्यालय ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने और सकारात्मक खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कई पारंपरिक खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दम
प्रतियोगिता में कबड्डी, मलखंभ, रस्साकशी सहित अन्य पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन समिति ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय पारंपरिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार करना है।
समारोह में विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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