
बुरहानपुर: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के अडगांव गांव में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भारत रत्न बी. आर. आंबेडकर के सम्मान में लगाए गए बैनर को असामाजिक तत्वों द्वारा फाड़ दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही आंबेडकर अनुयायियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया जीससे बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ा।
क्या है पूरा मामला और कैसे भड़का विवाद?
यह घटना उस समय हुई जब गांव में बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में जुलूस की तैयारी चल रही थी। उसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए बैनर को नुकसान पहुंचाया। जैसे ही यह खबर फैली, गांव के लोग एकत्रित होने लगे और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। लोगों का कहना था कि यह सिर्फ एक बैनर नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। घटना ने अचानक पूरे गांव में तनाव पैदा कर दिया और माहौल काफी संवेदनशील हो गया।
सड़क पर उतरा समाज, क्या थीं मांगें?
बैनर फाड़ने की घटना के बाद लोगों का गुस्सा साफ नजर आया। बड़ी संख्या में समाजजन सड़कों पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा कि आरोपी का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि बाबा साहब का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह विरोध सिर्फ एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं की अभिव्यक्ति बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की स्थिति
सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस और डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अज्ञात आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन लोगों का आक्रोश अभी भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अडगांव की यह घटना सिर्फ एक बैनर फाड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गई है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
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