
बुरहानपुर/राजू सिंह राठौड़ की रिपोर्ट: बुरहानपुर की शिकारपुरा थाना पुलिस ने डॉक्टरों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली करने वाले फरार आरोपी सचिन गाढ़े को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी करीब दो माह से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेंडे एवं नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, नीमा (NIMA) एसोसिएशन के सदस्य डॉ. अब्दुल साबिर, निवासी जैनाबाद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सचिन गाढ़े अपने एक साथी के साथ उनके क्लीनिक में जबरन घुस गया। आरोप है कि उसने महिला मरीजों की वीडियो रिकॉर्डिंग की और खुद को भीम आर्मी का जिला अध्यक्ष तथा सीएमएचओ कार्यालय का अधिकारी बताकर डॉक्टर को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने क्यूआर कोड के माध्यम से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली कर ली।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने डॉ. अकील के क्लीनिक पर भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। मामले में थाना शिकारपुरा में 8 मई 2026 को अपराध क्रमांक 139/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की गई थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपी सचिन पिता सुरेश गाढ़े (26), निवासी लोधीपुरा, थाना गणपतिनाका, जिला बुरहानपुर फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया, एएसआई महेंद्र पाटीदार, प्रधान आरक्षक रफीक खान और प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल की सराहनीय भूमिका रही।
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