
ब्रांडवाणी डेस्क: राजनीति और नौकरशाही का रिश्ता हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन जब यह रिश्ता पारिवारिक हो जाए, तो प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचना तय माना जाता है. हाल ही में एक पहाड़ी राज्य में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ऐसा ही एक मामला सुर्खियों में आ गया है, जिसने सत्ता और प्रशासन के समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
• कैबिनेट में शामिल हुए मंत्री का खास रिश्ता- हमारे सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट विस्तार में जिन नेता को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है, उनका सीधा संबंध प्रदेश के एक युवा आईएएस अधिकारी से बताया जा रहा है. चर्चा है कि नवनियुक्त मंत्री, वर्तमान में एक छोटे जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ एक आईएएस अधिकारी के ससुर हैं.
• प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा- मंत्री बनने के बाद अब प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि ससुर का बढ़ता राजनीतिक कद दामाद के प्रशासनिक प्रभाव को भी मजबूत कर सकता है। माना जा रहा है कि अब कलेक्टर साहब का प्रभाव केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजधानी के फैसलों में भी उनकी पकड़ मजबूत हो सकती है।
• तबादला सूची से पहले बढ़ी हलचल- गौरतलब है कि प्रदेश में जल्द ही कलेक्टरों की एक बड़ी तबादला सूची आने की चर्चा है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस नए ‘पावर कनेक्शन’ के चलते कलेक्टर को किसी बड़े और अहम जिले की जिम्मेदारी भी मिल सकती है।
• पहले भी मजबूत रहा है राजनीतिक कद- हमारी जानकारी के मुताबिक जब आईएएस अधिकारी का विवाह हुआ था, उस समय भी उनके ससुर सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काफी प्रभावशाली भूमिका में थे। अब कैबिनेट में उनकी वापसी के बाद यह रिश्ता फिर से चर्चा का विषय बन गया है।
• आगे क्या होगा? – अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह पारिवारिक राजनीतिक ताकत कलेक्टर के करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, या फिर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करेगा।
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