
IDFC First Bank से जुड़े कथित फंड दुरुपयोग मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ा एक्शन लिया है। सीबीआई की टीमों ने गुरुवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में पांच अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और चंडीगढ़ नगर निगम के बैंक खातों से जुड़े फंड के कथित गलत इस्तेमाल की जांच के तहत की गई है।
पांच ठिकानों पर हुई तलाशी
सीबीआई के अनुसार, जांच टीमों ने उन संदिग्धों के घरों और व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली, जिन पर कथित तौर पर सरकारी फंड से धोखाधड़ी कर लाभ लेने का संदेह है। इसके अलावा CSCL के सरकारी कर्मचारी अनुभव मिश्रा और जांच से जुड़ी निजी कंपनियों से संबंधित परिसरों की भी तलाशी ली गई।
डिजिटल सिग्नेचर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
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छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इनमें स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य जांच संबंधी कागजात शामिल हैं। जब्त सामग्री का अब जांच टीम द्वारा विश्लेषण किया जा रहा है।
504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड में कथित गड़बड़ी
मामले की जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने राज्य के विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़े करीब 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और कथित धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए निकाला गया। इसके बाद शेल कंपनियों के माध्यम से रकम को अलग-अलग स्थानों पर ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।
17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
सीबीआई इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन कर्मचारी, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
सीबीआई की ताजा छापेमारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर कथित फंड ट्रांसफर और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
- CBI Raids Five Locations In IDFC First Bank Fund Misuse Case








