
चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बंदरगाह क्षेत्र में मंगलवार को एक कंटेनर से सल्फर गैस का रिसाव होने के कारण आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। अत्यधिक गर्मी के चलते बंदरगाह परिसर में संग्रहित सल्फर पदार्थ में अचानक तीव्र रासायनिक प्रतिक्रिया हुई, जिसके परिणामस्वरूप गैस का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरे वातावरण में धुंध व धुएं जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हवा के तेज बहाव के साथ यह गैस तेजी से रिहायशी और प्रशासनिक अंचलों में फैल गई, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ, लगातार खांसी, आंखों में तेज जलन, मतली और बेचैनी जैसी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, एक बड़ी राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान कहीं भी आग नहीं लगी और प्रशासन ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया।
गैस रिसाव का यह असर दोपहर करीब 12:15 बजे उस समय सार्वजनिक रूप से महसूस किया गया, जब तमिलनाडु सचिवालय के आसपास अचानक से गहरी धुंध छाने लगी। सचिवालय आने-जाने वाले आम नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों का दम घुटने लगा और लोग अपनी गाड़ियां खड़ी कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इस गैस का प्रभाव केवल बंदरगाह क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका तीव्र असर सचिवालय परिसर के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय और मद्रास उच्च न्यायालय (मद्रास हाईकोर्ट) के आसपास के व्यस्ततम क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर महसूस किया गया, जिससे कुछ समय के लिए प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ।
घटना की भनक लगते ही चेन्नई बंदरगाह प्रशासन, दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) और अन्य संबंधित आपदा प्रबंधन एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड पर आ गईं। दमकल विभाग की टीमों ने विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर गैस के फैलाव को रोकने के लिए चौतरफा अभियान चलाया, वहीं बंदरगाह के तकनीकी कर्मियों ने रिसाव के मुख्य स्रोत की पहचान कर उसे पूरी तरह सील करने की प्रक्रिया शुरू की। बंदरगाह प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में अत्यधिक तापमान और भीषण गर्मी के कारण ही रासायनिक परिवर्तन होने की बात सामने आई है, फिर भी रिसाव के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए बंदरगाह के सुरक्षा मानकों और कंटेनर स्टोरेज नियमों की कड़ाई से समीक्षा की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि लीक हुई गैस हवा में मिलकर काफी हद तक बेअसर और विसरित हो चुकी है, इसलिए अब किसी भी बड़े स्तर पर गंभीर नुकसान या जानमाल के खतरे की कोई आशंका नहीं है। बोर्ड ने आम जनता और नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले इस सघन राहत एवं नियंत्रण अभियान के बाद दमकल विभाग ने गैस रिसाव पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में धुंध छटी और स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकी। फिलहाल एहतियात के तौर पर यातायात और अन्य व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे बहाल कर दी गई हैं और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही हैं।
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