
छतरपुर जिले में अंधविश्वास के कारण एक बुजुर्ग की जान चली गई। परिजनों ने सांप के डसने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराई। करीब 24 घंटे बाद हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की जगह झाड़-फूंक में गंवाया समय
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग को सांप ने डस लिया था। इसके बाद परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में लगे रहे। समय पर चिकित्सीय उपचार नहीं मिलने से उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। जब परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने समय पर इलाज की दी सलाह
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास पर भरोसा करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
अंधविश्वास से बचने की अपील
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों ने आम नागरिकों से अपील की है कि सांप के काटने जैसी आपात स्थिति में केवल वैज्ञानिक और चिकित्सीय उपचार पर भरोसा करें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही या इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
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