भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही ‘नल-जल’ योजना; सागर के देवरी में नियमों को रौंदकर सतह पर बिछा दी पाइपलाइन

देवरी/मनीष चौबे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ संकल्प को मध्य प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार का दीमक चाट रहा है। देवरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अनंतपुर, बारहा और कोपरा में जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। यहाँ ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की जुगलबंदी ने केंद्र सरकार की इस फ्लैगशिप योजना को मजाक बना कर रख दिया है।

तकनीकी मानकों की उड़ी धज्जियां 3 फीट की सतह पर पाइप

विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि पाइपलाइन की सुरक्षा और दबाव झेलने की क्षमता के लिए उसे जमीन से कम से कम 90 सेमी से 1 मीटर (लगभग 3 फीट) की गहराई में बिछाया जाना चाहिए। इसके अलावा पाइप के नीचे रेत की कुशनिंग अनिवार्य है। खुदाई के बाद सड़क का पुनर्निर्माण (Restoration) जरूरी है।

लेकिन देवरी में हकीकत इसके उलट है। यहाँ पाइपलाइन को सड़क के किनारे महज कुछ इंच की खुदाई कर या सीधे सतह पर ही बिछा दिया गया है। ग्रामीणों का डर है कि भारी वाहनों के गुजरने से ये पाइप कुछ ही दिनों में टूट जाएंगे और सरकारी पैसा पानी में बह जाएगा।

कागजों पर ‘पूर्ण’, जमीन पर ‘शून्य’

ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर अधूरे काम के बिल पास करा लिए हैं।
1. अधूरे कनेक्शन: कई मोहल्लों में पाइपलाइन तो पहुँच गई है, लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं दिए गए।
2. लापता टोंटियाँ: जिन घरों में स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं, वहां नल (टोंटी) ही नहीं लगाए गए।
3. भुगतान का खेल: काम अधूरा होने के बावजूद कागजों पर इसे ‘कम्प्लीट’ दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

“हमने कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ठेकेदार अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं। अब हम कलेक्टर महोदय के पास जाकर इस धांधली की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।” — स्थानीय सरपंच

जांच के घेरे में जिम्मेदार, उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

इस पूरे मामले ने विभाग की निगरानी प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। जब पाइपलाइन निर्धारित गहराई पर नहीं थी, तो सुपरवाइजर और इंजीनियर ने इसे पास कैसे किया? बिना कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के भुगतान की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई? क्या थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPI) की टीम ने मौके पर जाकर सत्यापन किया?

ठंडे बस्ते में जाएगा मामला या होगी कार्रवाई?

देवरी क्षेत्र में जल जीवन मिशन की स्थिति ‘हर घर जल’ के बजाय ‘हर घर भ्रष्टाचार’ की ओर इशारा कर रही है। यदि इस मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच (Technical Audit) कराई जाए, तो कई बड़े अधिकारियों और ठेकेदारों पर गाज गिरना तय है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पर सख्त एक्शन लेता है या करोड़ों का यह घोटाला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।

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Rashel Kachwah Rajput

Rashel Kachwah Rajput

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