
देवास/गौरव व्यास की रिपोर्ट: जिला चिकित्सालय देवास की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पित प्रयासों से गंभीर स्थिति में भर्ती एक नवजात शिशु को नया जीवन मिला। करीब 19 दिनों तक लगातार विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी और निःशुल्क उपचार के बाद शिशु पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट सका। इस सफलता को जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू टीम की संवेदनशीलता, दक्षता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि टोंकखुर्द निवासी 22 वर्षीय श्रीमती महक, पति सोहेल नायता पटेल, का 16 जुलाई 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टोंकखुर्द में 36 सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान सामान्य प्रसव हुआ था। जन्म के समय नवजात शिशु ने रोना शुरू नहीं किया, जिसके कारण उसकी स्थिति गंभीर थी और तत्काल उसे उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफर किया गया। परिजनों ने पहले शिशु का उपचार दो दिनों तक देवास के एक निजी चिकित्सालय में कराया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे जिला चिकित्सालय देवास की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने शिशु की लगातार निगरानी करते हुए उपचार शुरू किया।
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उपचार के दौरान चिकित्सकीय टीम ने शिशु की स्थिति के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाएं अपनाईं। लगातार उपचार और देखभाल के बाद 25 जुलाई 2026 से शिशु को ट्रायल फीड देना प्रारंभ किया गया। ऑक्सीजन सपोर्ट हटाने के बाद कटोरी-चम्मच की सहायता से दूध पिलाया गया। स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने पर मां का स्तनपान भी शुरू कराया गया। बाद में शिशु को एमएनसीयू (मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में स्थानांतरित कर आगे की देखभाल की गई। चिकित्सकों द्वारा नियमित जांच और निगरानी के बाद जब शिशु की सभी स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं और उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर हो गई, तब 4 अगस्त 2026 को लगभग 19 दिनों के सफल उपचार के बाद उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
शिशु के स्वस्थ होने पर परिजनों ने जिला चिकित्सालय देवास की चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार के कारण आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा था, जबकि जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू इकाई में उन्हें पूरी तरह निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हुईं। परिजनों ने कहा कि चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की मेहनत, समर्पण और संवेदनशील देखभाल के कारण उनके बच्चे को नया जीवन मिला। जिला चिकित्सालय प्रशासन ने बताया कि एसएनसीयू में गंभीर रूप से बीमार एवं समय से पूर्व जन्मे नवजातों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल, आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता से उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक नवजात को गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।
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