
गाडरवार: माध्यमिक शिक्षा मंडल की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। गाडरवारा तहसील के ग्राम सूकरी निवासी छात्र अभय कौरव ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्र अभय कौरव के अनुसार कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में हिंदी विषय में उसे प्रारंभिक परिणाम में केवल 40 अंक मिले थे।
अपने प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर उसने रीटोटलिंग और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। पुनर्मूल्यांकन के बाद मंडल द्वारा उपलब्ध कराई गई उत्तरपुस्तिका में उसके अंक 40 से बढ़कर 73 हो गए। यानी छात्र को 33 अंकों का लाभ मिला। हालांकि, छात्र का आरोप है कि इतनी बड़ी अंक वृद्धि के बावजूद माध्यमिक शिक्षा मंडल के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की स्थिति अब भी “No Change” दिखाई दे रही है।
इसे लेकर छात्र और परिजनों ने शिक्षा मंडल की तकनीकी और मूल्यांकन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अभय कौरव ने कहा कि यदि उसने पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया होता तो उसके साथ अन्याय हो जाता। छात्र ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकती है।
मामले की शिकायत मुख्यमंत्री मोहन यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल, आयुक्त लोक शिक्षण और कलेक्टर नरसिंहपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। अब यह मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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