
गुना/मोहित सोनी की विशेष रिपोर्ट: शहर के प्रमुख जयस्तंभ चौराहे पर मंगलवार को सामने आया एक मामला शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मरीज को लेकर जा रही दो एंबुलेंस चौराहे पर यातायात के बीच फंस गईं। एंबुलेंस के सायरन बजते रहे, लेकिन जाम और अव्यवस्थित यातायात के बीच उन्हें रास्ता मिलने में परेशानी हुई। ऐसे हालात में इमरजेंसी मरीज के लिए बीतने वाला प्रत्येक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है।
जयस्तंभ चौराहा शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग, दुकानों के बाहर रखा सामान, ठेले और अन्य अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है।
अतिक्रमण से सिकुड़ती सड़कें
शहर के मुख्य बाजार और प्रमुख चौराहों के आसपास नालियों के आगे तक दुकानों का सामान, बोर्ड और ठेले लगाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इससे सड़क पर उपलब्ध जगह कम हो जाती है और व्यस्त समय में जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन यह कार्रवाई स्थायी साबित नहीं होती। कुछ समय बाद सड़क किनारे फिर वही स्थिति दिखाई देने लगती है।
अतिक्रमण रोधी कार्रवाई पर भी सवाल
नगर पालिका का अतिक्रमण रोधी अमला शहर में कार्रवाई और निरीक्षण के लिए निकलता है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी दुकानों के बाहर सामान और ठेले दोबारा सड़क तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल औपचारिक निरीक्षण से शहर की यातायात व्यवस्था सुधर सकती है या इसके लिए लगातार और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है?
पार्किंग की कमी भी बढ़ा रही परेशानी
गुना के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का अभाव भी यातायात समस्या का बड़ा कारण है। खरीदारी और अन्य कामों के लिए आने वाले लोग अक्सर अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। इससे पहले से संकरी सड़कों पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है। विशेष रूप से जयस्तंभ चौराहे जैसे व्यस्त स्थानों पर पीक आवर्स के दौरान प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी जरूरी है, ताकि आपातकालीन वाहनों को तत्काल रास्ता मिल सके।
जनता का सवाल – कब होगी स्थायी कार्रवाई?
एंबुलेंस के फंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग पर यदि समय रहते सख्त और स्थायी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी गंभीर आपात स्थिति के दौरान बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। अब सवाल जिला प्रशासन, नगर पालिका और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर है—क्या एंबुलेंस के फंसने की यह घटना प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पर्याप्त है, या फिर व्यवस्था सुधारने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?
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