
ग्वालियर: नशामुक्ति केंद्रों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सागरताल इलाके में संचालित निदान नशामुक्ति केंद्र में भर्ती झांसी निवासी रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी राजकुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक राजकुमार को 14 मई 2026 को उपचार के लिए नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
20 मई को केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित नशामुक्ति केंद्र में इससे पहले भी एक युवक की मौत हो चुकी है, जिसके बाद केंद्र का नाम बदलकर दोबारा संचालन शुरू कर दिया गया।
शहर में कई नशामुक्ति केंद्रों के बिना अनुमति और निर्धारित गाइडलाइन के संचालन के आरोप भी लगातार सामने आते रहे हैं। मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद शहर में नशामुक्ति केंद्रों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ये भी पढ़े – ग्वालियर में नवविवाहिता ने लगाई फांसी, मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना का लगाया आरोप
- gwalior-deaddiction-centre-retired-railway-employee-suicide-case









