
मध्य प्रदेश से एक बेहद ही चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने सूबे की सियासत में गरमागरम बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में एक पूरा का पूरा अस्पताल ही ‘लापता’ हो गया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर चौतरफा हमला बोल दिया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही इस रिपोर्ट में तंज कसते हुए कहा गया है कि “मोदी जी के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश में अस्पताल लापता हुआ।” इस गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।
विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण को एक बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय घोटाला करार दिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि कागजों पर जिस अस्पताल की बात की जा रही है, वह धरातल पर कहीं दिखाई ही नहीं दे रहा है।
विपक्ष का रुख: विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि यह जनता के स्वास्थ्य और उनके पैसों के साथ किया गया एक बहुत बड़ा खिलवाड़ है। इसके पीछे बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सरकार की दलील: दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों पर सरकार ने अपनी दलील पेश की है। सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि अस्पताल कहीं गायब नहीं हुआ है, बल्कि ‘अस्पताल बनेगा’। प्रशासन के अनुसार, परियोजना पर काम चल रहा है और जल्द ही अस्पताल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
अब धरातल पर सच क्या है, यह तो पूरी जांच और वक्त के साथ ही साफ हो पाएगा। लेकिन फिलहाल ‘लापता अस्पताल’ का यह विवाद सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक सरकार के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुका है।
ब्रांडवाणी समाचार के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।








