
सार
कुलदीप शर्मा | शिवपुरी जिले की बदरवास जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत इंदार में सरपंच पति रामसेवक परिहार और रोजगार सचिव अवधेश रघुवंशी पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को ग्रामवासियों ने निराधार बताया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिकायतकर्ताओं और अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोपों के पीछे पंचायत चुनाव से पहले राजनीतिक षड्यंत्र की आशंका जताई है।
विस्तार
शिवपुरी जिले की बदरवास जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत इंदार में सरपंच पति रामसेवक परिहार और रोजगार सचिव अवधेश रघुवंशी पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विवाद सामने आया है। अब ग्रामवासियों ने दोनों के समर्थन में कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए लगाए गए आरोपों को असत्य बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा कथित रूप से षड्यंत्र के तहत पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि केवल शिकायतों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ ग्रामवासियों के भी कथन दर्ज किए जाएं, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
आवेदन में आवास प्लस सर्वे का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार शासन ने पात्र हितग्राहियों को स्वयं के मोबाइल फोन से ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सर्वे के लिए हितग्राहियों से कथित रूप से पैसे लिए जा रहे थे या उन पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा था, तो हितग्राही स्वयं अपने मोबाइल से आवेदन क्यों नहीं करते। ग्रामीणों ने 6 सितंबर और 8 सितंबर को सामने आई शिकायतों में कथित रकम को लेकर अलग-अलग जानकारी होने का भी दावा किया है।
ये भी पढ़े – ओडिशा के जंगल में मिले 5 ओरांगुटान, भारत में नहीं पाई जाती प्रजाति; तस्करी के शक में जांच तेज
ग्रामीणों ने पंचायत की ओर से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को भी वर्तमान विवाद से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है। उनका दावा है कि पंचायत स्तर पर करीब 140 बीघा शासकीय भूमि को 25 से 30 परिवारों के कथित अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और वहां गौशाला निर्माण कराया गया। इसके अलावा शासकीय तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसके जीर्णोद्धार तथा अन्य शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रयास किए जाने की बात भी ग्रामीणों ने आवेदन में कही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर किए जा रहे विकास और अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्यों के कारण कुछ लोगों में नाराजगी हो सकती है और इसी वजह से सरपंच पति तथा रोजगार सचिव के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि शिकायतकर्ताओं और अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों के नाम आवास प्लस सूची से किसी भी स्थिति में बाहर नहीं किए जाएं और यदि किसी स्तर पर वास्तविक अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब मामले में जिला प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत पदाधिकारियों और रोजगार सचिव पर लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है और ग्रामीणों की ओर से लगाए गए राजनीतिक षड्यंत्र के दावे में कितना आधार है।
- indar-panchayat-shivpuri-allegations-gram-villagers-demand-fair-inquir








