ईरान से कच्चे तेल की खरीद: भारत सरकार ने पेमेंट समस्याओं की अटकलों को किया खारिज

नई दिल्ली। भारत सरकार ने ईरान से कच्चे तेल की खरीद को लेकर पेमेंट संबंधी अटकलों को सिरे से खारिज किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरानी क्रूड के आयात में किसी भी प्रकार की पेमेंट समस्या नहीं है।मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि यह दावा “तथ्यात्मक रूप से गलत” है कि ईरानी तेल लेकर आ रहा एक टैंकर पेमेंट समस्याओं के कारण भारत के वडीनार की बजाय चीन की ओर मुड़ गया। उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल व्यापार में जहाजों के मार्ग को बीच में बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और तेल कंपनियों को व्यावसायिक परिस्थितियों के आधार पर विभिन्न स्रोतों से तेल खरीदने की पूरी स्वतंत्रता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत की कच्चे तेल की जरूरतें आने वाले महीनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।

ये भी पढ़े – पश्चिम एशिया के तनाव के बीच भारत के लिए राहत: एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार

जहाज़ परिचालन कंपनी केप्लर ने बताया था कि अफ्रामैक्स टैंकर पिंग शुन, जो पहले गुजरात के वडीनार पोर्ट की ओर जा रहा था, अब चीन के डोंगयिंग की ओर जा रहा है। इसके बाद पेमेंट समस्या की अटकलें लगाई गईं।सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बिल ऑफ लैंडिंग में अक्सर संभावित रिफाइनरी पोर्ट दर्ज होता है और व्यापार या संचालन संबंधी कारणों से समुद्र में ही उद्देश्य विनिर्माण सामान्य है।

भारत ने 2019 के बाद से ईरान से कच्चा तेल आयात बंद कर दिया था, जब अमेरिका ने उस पर व्यापार प्रतिबंध लगाए थे। इससे पहले भारत ईरानी तेल का बड़ा खरीदार था और 2018 में प्रतिदिन लगभग 5.18 लाख बैरल तक आयात करता था।हाल ही में अमेरिका द्वारा सीमित अवधि के लिए टैरिफ में ढील दिए जाने के बाद भारतीय रिफाइनरियां फिर से ईरानी तेल खरीदने के अवसरों पर विचार कर रही हैं। इसी बीच ईरान से लगभग 44 हजार टन एलपीजी लेकर आया जहाज सी बर्ड 2 अप्रैल को मंगलौर पहुंच चुका है और वहां कार्गो उतारा जा रहा है।

ये भी पढ़े – पहलगाम हमले की बरसी से पहले पाकिस्तान की साजिश ? ISI पर प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप

  • india-government-dismisses-iran-crude-oil-payment-speculations
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    बीजिंग-प्योंगयांग की खतरनाक जुगलबंदी! प्योंगयांग पहुंचे जिनपिंग, किम जोंग उन बोले- ‘चीन से रिश्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’

    प्योंगयांग/बीजिंग: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व राष्ट्रपति शी…

    आगे पढ़ें
    9 तटीय प्रांतों में अलर्ट! फिलीपींस में समुद्री भूकंप ने मचाई भारी तबाही, तटीय इलाके खाली कराने के निर्देश; फिलीपींस आपदा पर पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

    मनीला/नई दिल्ली: फिलीपींस का दक्षिणी हिस्सा सोमवार को आए…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

    2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे

    2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे

    MP RAJYASABHA चुनाव: 8 जून को मध्यप्रदेश में थमेगा नामांकन, तीसरी सीट पर सस्पेंस से बढ़ा सियासी पारा; जानें क्या है नंबर गेम और समीकरण

    MP RAJYASABHA चुनाव: 8 जून को मध्यप्रदेश में थमेगा नामांकन, तीसरी सीट पर सस्पेंस से बढ़ा सियासी पारा; जानें क्या है नंबर गेम और समीकरण

    घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये और हुआ महंगा; पेट्रोलियम मंत्रालय बोला- ‘पूरी दुनिया में भारत में सबसे सस्ती गैस’

    घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये और हुआ महंगा; पेट्रोलियम मंत्रालय बोला- ‘पूरी दुनिया में भारत में सबसे सस्ती गैस’

    सीबीएसई के अजीब फरमान पर दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, पूछा- कक्षा 9वीं के छात्र 6ठी की किताबों से क्यों पढ़ेंगे

    सीबीएसई के अजीब फरमान पर दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, पूछा- कक्षा 9वीं के छात्र 6ठी की किताबों से क्यों पढ़ेंगे