
इंदौर से राघौगढ़ के बीच बन रहा 27 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सड़क का ज्यादातर निर्माण पूरा हो चुका है और अब लेन मार्किंग, स्ट्रीट लाइट, संकेतक सहित अन्य जरूरी काम किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस नए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है। नए फोरलेन से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ हरदा और बैतूल की ओर जाने वाले वाहनों को भी सुविधा मिलेगी।
27 किलोमीटर लंबे मार्ग का काम अंतिम चरण में
इंदौर-राघौगढ़ मार्ग को इंदौर-हरदा-बैतूल इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। करीब 27 किलोमीटर लंबे इस नए मार्ग का निर्माण पुराने रास्ते को चौड़ा करने के बजाय नए अलाइनमेंट पर किया गया है। यह सड़क इंदौर बायपास के पास से शुरू होकर बेगमखेड़ी, खुड़ेल खुर्द, गोगाखेड़ी और मिर्जापुर होते हुए राघौगढ़ में नेमावर रोड से जुड़ेगी।
मार्ग पर कई छोटे-बड़े पुल, पुलिया और अंडरपास बनाए गए हैं। सड़क को आसपास की जमीन से करीब 8 से 10 फीट ऊंचा बनाया गया है। इससे बारिश के दौरान जलभराव और सड़क की मजबूती से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखने की कोशिश की गई है।
एमआर-10 जंक्शन पर अभी बाकी है बड़ा काम
पूरे प्रोजेक्ट में एमआर-10 जंक्शन को नए फोरलेन से जोड़ना अहम हिस्सा है। यहां थ्री-लेयर अंडरपास बनाया जा रहा है। इसमें दोनों दिशाओं के लिए चार-चार लेन की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस हिस्से का काम पूरा होने में अभी कुछ समय लग सकता है। अधिकारियों के मुताबिक अंडरपास को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जब यह कनेक्टिविटी पूरी हो जाएगी, तब नए मार्ग से यातायात को सुचारू रूप से जोड़ने में मदद मिलेगी। फिलहाल मुख्य सड़क के अंतिम हिस्सों पर जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
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करीब 1100 करोड़ की लागत से बना हाईवे
इंदौर-राघौगढ़ फोरलेन परियोजना पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इसमें सड़क निर्माण के साथ जमीन अधिग्रहण और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी शामिल हैं। परियोजना का निर्माण नवंबर 2022 में शुरू हुआ था। हालांकि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हो पाया और निर्माण की अवधि बढ़ानी पड़ी।
इस ग्रीनफील्ड मार्ग का उद्देश्य इंदौर से हरदा और बैतूल की तरफ जाने वाले यातायात को बेहतर कनेक्टिविटी देना है। खासकर व्यावसायिक वाहनों को नया मार्ग मिलने से यात्रा समय और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है।
इंदौर की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प
नया फोरलेन शुरू होने के बाद इंदौर से जुड़े ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। खुड़ेल और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान हो सकता है। इसके अलावा इंदौर-हरदा-बैतूल मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में भी यह सड़क मददगार हो सकती है।
फिलहाल यात्रियों की नजर इस बात पर है कि अंतिम काम कब पूरा होता है और आधिकारिक रूप से वाहनों की आवाजाही कब शुरू की जाती है। अंडरपास और अन्य जरूरी सुविधाएं पूरी होने के बाद मार्ग को पूरी क्षमता से उपयोग में लाने की स्थिति स्पष्ट होगी।
इंदौर-राघौगढ़ ग्रीनफील्ड फोरलेन का मुख्य निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब अंतिम सुविधाओं का काम चल रहा है। एमआर-10 जंक्शन का अंडरपास पूरा होने के बाद इस नए मार्ग से यातायात शुरू होने की तस्वीर और साफ होगी।
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