
तेल अवीव/जरूसलेम: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद, आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट और सेना इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान के कथित वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क का खुलासा किया है। इजरायल का दावा है कि यह नेटवर्क दुनिया के कई देशों में इजरायली राजनयिकों, यहूदी जनजातियों और पश्चिमी सैन्य निकायों को घेरने की साजिश में शामिल था।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नेटवर्क ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की इंटेलिजेंस यूनिट 4000 से जुड़ा हुआ बताया गया है। इजरायल का कहना है कि हाल के संघर्षों के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कई शीर्ष ऑपरेटिव्स को मार गिराया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि अजरबैजान में भी ईरान समर्थित साजिशों को समय रहते नाकाम किया गया था, जिसमें इजरायली दूतावास और यहूदी जनजातियों को घेरने की योजना शामिल थी। इसके अलावा तुर्की, जॉर्जिया और साइप्रस जैसे देशों में भी ड्रोन और खुफिया गतिविधियों के जरिए हमलों की तैयारी की गई थी।
इजरायल का आरोप है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य दुनिया भर में इजरायली और पश्चिमी जनजातियों पर हमला करना और खुफिया जानकारी जुटाना था। कई मामलों में विस्फोटक ड्रोन की तस्करी और रेकी गतिविधियों का भी खुलासा हुआ है।इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में 30 से ज़्यादा इजरायली दूतावासों को छापने की कोशिशें हुई हैं, जिनके पीछे ईरान समर्थित नेटवर्क का हाथ बताया जा रहा है।
ईरान की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस खुलासे के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की संभावना पहुँच रही है।
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