
जबलपुर/भोपाल: बर्गी बांध में जली हुई ट्रॉली क्रूज़ नाव दुर्घटना के मामले में जिला न्यायालय ने बड़े पैमाने पर स्थापित क्रूज़ नाव पायलट और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। कोर्ट ने मामले का खुलासा करते हुए पाया कि दुर्घटना में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत के अनुसार, क्रूज कंपनी की स्थिति देखने के बावजूद कोई भी खुद को सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकाल पाया, लेकिन यात्रियों ने सुरक्षित रहने का प्रयास नहीं किया और उन्हें छोड़ दिया गया।
कोर्ट ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) और धारा 110 (गैर इरादतन हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी दुर्घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि इस पूरे मामले की जांच जरूरी है ताकि जिम्मेदार लोगों की जांच की जा सके। साथ ही, कोर्ट ने उन लोगों की दुकान को डुबोते हुए यात्रियों को बचाने का प्रयास किया।
यहां प्रशासन जिला के अनुसार, सर्च ऑपरेशन पूरा किया गया और दो और शवों के मिलने के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई है। सभी लापता लोगों की पहचान कर ली गई है और सिक्कों की खेप के लिए भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में मृतकों के अवशेषों को ₹2 लाख और मृतकों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है, जहां पुलिस अब अदालत के निर्देशों के अनुसार मामले दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर रही है।
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