
नर्मदापुरम: जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया, जब एक वृद्ध महिला जियावंती अपने 8 वर्षीय पोते कृष्णा धुर्वे के भविष्य को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के समक्ष पहुंचीं। पढ़ने-लिखने में असमर्थ जियावंती ने बिना किसी लिखित आवेदन के ही अपने पोते की शिक्षा और रहने की व्यवस्था के लिए मौखिक निवेदन किया। उन्होंने बताया कि बच्चे के पिता का निधन हो चुका है और वह स्वयं उसकी देखभाल कर रही हैं।
मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने तत्काल सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग विवेक नागवंशी को निर्देश दिए कि बच्चे की शिक्षा और आवास की व्यवस्था उसी दिन सुनिश्चित की जाए। निर्देशों का पालन करते हुए कृष्णा धुर्वे का प्रवेश जनसुनवाई के दौरान ही नर्मदापुरम स्थित आश्रम शाला में करा दिया गया। यहां उसे शिक्षा के साथ-साथ आवास और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही कलेक्टर ने बच्चे को स्कूल ड्रेस और स्कूल बैग भी प्रदान किया, जिससे उसकी पढ़ाई की शुरुआत आसान हो सके। इस दौरान क्षेत्र संयोजक हर्षित कौरव और आश्रम की अधीक्षिका भी मौजूद रहीं। यह पहल प्रशासन की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण का उदाहरण है, जो जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
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