
सार
नाह़रु खान | जावरा शहर स्थित हजरत सैयद ख्वाजा अबूसईद शहीद रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह के लंगरखाना की 29वीं वर्षगांठ श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दरगाह परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया और श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई। संचालकों के अनुसार 6 सितंबर 1997 को स्थापित लंगरखाना में पिछले 29 वर्षों में करीब 90 लाख लोग निःशुल्क भोजन कर चुके हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 800 से 1000 श्रद्धालुओं को शुद्ध शाकाहारी भोजन कराया जाता है।
विस्तार
जावरा शहर में स्थित हजरत सैयद ख्वाजा अबूसईद शहीद रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह के लंगरखाना की 29वीं वर्षगांठ श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। वर्षगांठ के अवसर पर दरगाह परिसर की आकर्षक सजावट की गई और श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सेवा से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
लंगरखाना संचालक बाले खान एवं गोपाल सिंघल ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि लंगरखाना की स्थापना 6 सितंबर 1997 को की गई थी। स्थापना के बाद से यहां बिना किसी धार्मिक या सामाजिक भेदभाव के समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
संचालकों के अनुसार पिछले 29 वर्षों में लंगरखाना में करीब 90 लाख लोग भोजन ग्रहण कर चुके हैं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 श्रद्धालुओं को निःशुल्क शुद्ध शाकाहारी भोजन कराया जाता है। वहीं विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। होली और चेहल्लुम के अवसर पर करीब 20 से 25 हजार जायरीनों को भोजन कराने की व्यवस्था की जाती है।
वर्षगांठ के आयोजन में दरगाह प्रबंध समिति, खिदमत कमेटी, लंगरखाना समिति और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर भोजन, पानी और बैठने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाला। आयोजन के दौरान सेवा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लंगरखाना की स्थापना में स्वर्गीय मोहनलाल मोड़ वाले के साथ पूर्व एल्डरमैन साबिर भाई के विशेष योगदान को भी याद किया गया। आयोजकों ने बताया कि वर्षों से चल रही यह सेवा जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम बनी हुई है।
वर्षगांठ के अवसर पर लंगरखाना कमेटी के संजीव टुकड़िया, अकील अहमद शेख, मोहम्मद हुसैन भाई, जाहिद हुसैन, वालेंटियर्स याकूब कुरैशी, वकील भाई, सद्दाम कुरैशी, बाबर पेंटर, गुलाम दस्तगीर भाई और शेर कुरैशी मौजूद रहे। इसके अलावा दरगाह कमेटी के एजाज हुसैन, शाहनवाज खान, निजामुद्दीन भाई, असलम कुरैशी, गफ्फार मेव, पूर्व सदर गबरू बाबा, नायब सदर अहमद हुसैन, जुमेरात कमेटी के शाहरुख शाह और नाहरू गौरी, खिदमत कमेटी के यूसुफ खान और गफ्फार कुरैशी तथा दरगाह कमेटी के खादिम वाहिद अली सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजकों के मुताबिक लंगरखाना की यह सेवा पिछले 29 वर्षों से लगातार जारी है और इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है। वर्षगांठ के आयोजन में सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी सामने आया।
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