
भोपाल।आदि मिश्रा| राजधानी के जयप्रकाश जिला चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में जिला रोगी कल्याण समिति के माध्यम से आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं 22 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। अस्पताल प्रबंधन के इस फैसले के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने नौकरी समाप्त करने के तरीके और नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिना पूर्व सूचना सेवा समाप्त करने का आरोप
प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक कलेक्टर रेट पर अस्पताल में सेवाएं दीं, लेकिन सेवा समाप्त करने से पहले उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि अचानक आदेश जारी होने से कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
नई भर्ती में रिश्वतखोरी का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी जगह नए लड़के-लड़कियों की भर्ती की जा रही है और इसके लिए रिश्वत ली जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी या अस्पताल प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन दावों को कर्मचारियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सीएमएचओ और सिविल सर्जन पर भी जताई नाराजगी
कर्मचारियों का दावा है कि जब मीडिया ने सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा से इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कैमरे पर कोई बयान नहीं दिया। वहीं कर्मचारियों ने सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन के खिलाफ भी नाराजगी जताई और मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
प्रबंधन के जवाब का इंतजार
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर आगे अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्टीकरण आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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