
छतरपुर/अमित अवस्थी की खास रिपोर्ट: केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों, दलितों और आदिवासी परिवारों के आंदोलन को लेकर बीजावर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना से प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विस्थापन, मुआवजे तथा पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर जंगलों को उजाड़ना और गरीब परिवारों को उनके घरों और जमीनों से बेदखल करना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि परियोजना से प्रभावित अनेक किसानों, दलितों और आदिवासी परिवारों को अब भी न्यायपूर्ण मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल पाया है, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें बेघर और विस्थापित करना। उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी कर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन और आवास से हटाना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
बीजावर में आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, वैकल्पिक भूमि और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी।
नेताओं ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा न्याय दिलाने के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष जारी रहेगा।
गौरतलब है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर छतरपुर सहित बुंदेलखंड क्षेत्र के कई गांवों में भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर समय-समय पर प्रभावित ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किए जाते रहे हैं। वहीं, सरकार इस परियोजना को क्षेत्र के सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण बताती रही है।
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