
खंडवा/ नितिन झवर: मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल SDERF ने खंडवा जिले के हांडीकुंड क्षेत्र में उफनती सुक्ता नदी के बीच टापू पर फंसे चार युवकों को करीब साढ़े 10 घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार तड़के सुबह 4:45 बजे सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस अभियान को जिले के सबसे कठिन जल-रेस्क्यू अभियानों में से एक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे थाना जावर और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से चार युवक बीच धारा में बने टापू पर फंस गए हैं। तेज बहाव के कारण उनके लिए बाहर निकलना संभव नहीं था।
सूचना मिलते ही जिला कमांडेंट आशीष कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में SDERF खंडवा की टीम और कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआती प्रयास में सुरक्षा रस्सियों की मदद से मोटरबोट को टापू तक पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज जलधारा के कारण यह संभव नहीं हो सका।
ड्रोन से पहुंचाई गई मदद
स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित रणनीति अपनाई। ड्रोन के माध्यम से फंसे युवकों तक लाइफ जैकेट, भोजन और पेयजल पहुंचाया गया। साथ ही मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखकर उनका मनोबल बढ़ाया गया। एहतियात के तौर पर SDERF इंदौर, NDRF उज्जैन तथा आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर सहायता की भी तैयारी रखी गई।
जलस्तर घटते ही सफल हुआ अभियान
रातभर इंतजार के बाद जलस्तर में आंशिक कमी आने पर SDERF खंडवा और इंदौर की संयुक्त टीम ने अंतिम रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुरक्षा रस्सियों से नियंत्रित मोटरबोट के जरिए टीम टापू तक पहुंची और चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पूरी रात मौके पर डटा रहा प्रशासन
रेस्क्यू अभियान के दौरान प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तरणेकर, जिला कमांडेंट आशीष कुमार कुशवाहा, SDERF इंदौर के कंपनी कमांडर रोहन रायकवार, SDERF खंडवा के कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल, पुलिस, होमगार्ड और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने सुकता बांध से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़े जाने के लिए भी समन्वय किया।
सुरक्षित निकाले गए युवक
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रेस्क्यू किए गए युवकों की पहचान हुजेफा हामिद , मयंक उर्फ गोपाल , अली अजगर तथा आयुष के रूप में हुई है। सभी खंडवा जिले के निवासी हैं।
NDRF उज्जैन की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी थी, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही SDERF खंडवा और इंदौर की संयुक्त टीम ने अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। विभाग ने इस साहसिक अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को सम्मानित करने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है।
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