
लखनऊ: मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी कला इलाके में स्थित किला-मस्जिद विवाद को लेकर प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। स्थानीय स्तर पर बढ़ते तनाव और दोनों पक्षों के दावों को देखते हुए प्रशासन ने बकरीद के मौके पर विवादित स्थल पर नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह स्थल एक ओर मस्जिद और कब्रिस्तान के रूप में जाना जाता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे राजा कंस पासी का ऐतिहासिक किला बताता है। इसी विवाद को लेकर इलाके में लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है और हाल के दिनों में गतिविधियां और तेज हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि—चाहे वह नमाज हो या सुंदरकांड पाठ—विवादित स्थल पर नहीं की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति न पैदा हो।
इलाके में पुलिस और PAC की भारी तैनाती की गई है और ड्रोन व CCTV के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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