
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और अभिभावकों के नाम एक विशेष पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने इको-फ्रेंडली पर्यटन, संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय बच्चों के लिए सीखने, समझने और नए अनुभव हासिल करने का अवसर है, जिसका सही उपयोग उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीएम योगी ने बच्चों को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार और चूका बीच जैसे प्राकृतिक स्थलों की यात्रा करने की सलाह दी, ताकि वे प्रकृति के करीब आ सकें और जैव विविधता को समझ सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसे अनुभव दिए जाने चाहिए जो उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाएं और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करें।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी के पास समय बिताने के लिए भेजें, ताकि वे पारिवारिक संस्कारों और परंपराओं को करीब से समझ सकें। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे इन अनुभवों से दूर हो रहे हैं, इसलिए यह जुड़ाव बेहद जरूरी है।
सीएम योगी ने किशोरों और युवाओं को छुट्टियों के दौरान नई भाषा, कौशल, फोटोग्राफी, चित्रकारी, संगीत और बागवानी जैसी गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने और यात्रा के दौरान कपड़े या जूट के थैलों के उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने बच्चों को मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझाने और पौधारोपण जैसे कार्यों में शामिल करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं और बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना समय की आवश्यकता है।
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