
इंदौर/आदित्य शंकर तिवारी: मध्यप्रदेश|इंदौर से एक अहम खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश जेल इलेक्ट्रिक फेंसिंग योजना के तहत राज्य की जेलों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जेल विभाग ने लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च कर सभी जेलों में इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाने का निर्णय लिया है, जिससे कैदियों के फरार होने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
जेलों में बढ़ाई गई हाईटेक सुरक्षा
प्रदेश में पहले भी जेल से कैदियों के भागने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर लगातार सुधार किए जा रहे हैं। अब जेलों की बाउंड्री वॉल पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई जा रही है, जिससे दीवार पार करने की कोशिश करने वाले कैदियों को हल्का झटका लगेगा और तुरंत अलार्म सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। अभी तक भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन सहित 14 जेलों में यह व्यवस्था लागू की जा चुकी है। आने वाले समय में इसे प्रदेश की सभी जेलों में लागू किया जाएगा। जेल विभाग के अनुसार, यह तकनीक विदेशों में पहले से उपयोग में है और अब इसे प्रदेश में भी अपनाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके।
123 जेलों में लागू होगा सिस्टम
प्रदेश में कुल 123 से अधिक जेलें संचालित हैं, जिनमें हजारों कैदी बंद हैं। वर्तमान में जेलों में कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है, जिससे सुरक्षा की चुनौती और बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इलेक्ट्रिक फेंसिंग के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया है। अब कैदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कराई जा रही है, जिससे उन्हें अदालत ले जाने की जरूरत कम हो गई है। जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य तेजी से किया जा रहा है और इसे दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है।
मध्यप्रदेश में जेलों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया यह कदम भविष्य में बड़े बदलाव का संकेत देता है। यदि यह योजना पूरी तरह लागू हो जाती है, तो जेल ब्रेक जैसी घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी।
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