
मैहर: जिले में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर की गई शिकायत पर प्रशासनिक प्रयासों से मजदूरों को बड़ी राहत मिली है। मेसर्स जीवन लाइम कैल्शियम माइंस के खिलाफ श्रम कानूनों के उल्लंघन की शिकायत पर जांच के बाद श्रमिकों को बकाया वेतन का भुगतान कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन मैहर तथा जनपद पंचायत मैहर के उपाध्यक्ष श्री विकास त्रिपाठी के माध्यम से मेसर्स जीवन लाइम कैल्शियम माइंस के खिलाफ श्रम कानूनों की अवहेलना की शिकायत केंद्रीय श्रम विभाग को प्राप्त हुई थी। मामले की जांच श्रम प्रवर्तन अधिकारी (केंद्रीय), सतना श्री अग्निमित्र बाजपेयी द्वारा की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि खान प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा था। इसके बाद श्रम विभाग ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए खान प्रबंधन से पिछले एक वर्ष की अवधि में कम दिए गए वेतन की राशि श्रमिकों को दिलाई। कार्रवाई के तहत प्रत्येक श्रमिक को करीब 30 हजार 168 रुपये की राशि का भुगतान कराया गया, जबकि कुल मिलाकर 9 लाख 63 हजार रुपये से अधिक की राशि मजदूरों को वापस दिलाई गई। इसके साथ ही केंद्रीय श्रम विभाग द्वारा खान प्रबंधन पर नियमानुसार अर्थदंड भी लगाया गया।
विगत माह करौंदी कांप नादन क्षेत्र के लगभग तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने जनपद पंचायत उपाध्यक्ष विकास त्रिपाठी से मुलाकात कर बक्साइट कंपनी द्वारा निर्धारित मजदूरी नहीं दिए जाने और शोषण की शिकायत की थी। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विकास त्रिपाठी ने मामले की शिकायत श्रम विभाग में कराई और लगातार इसकी निगरानी करते रहे। प्रशासन और श्रम विभाग की कार्रवाई के बाद मजदूरों को उनका हक मिला। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए प्रशासन और जनपद उपाध्यक्ष विकास त्रिपाठी का आभार व्यक्त किया है।
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