
मुरैना में स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की मनमानी को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश, विभाग पर गंभीर आरोप
मुरैना: जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा अब फूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर का काम देख रही निजी एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मुरैना में मनमाने तरीके से मीटर बदले जा रहे हैं और भारी-भरकम बिल भेजकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के गंभीर आरोप
- बिना सूचना और सहमति के मीटर बदलना: उपभोक्ताओं का आरोप है कि ईसिया सॉफ्ट और अल्पनार जैसी निजी एजेंसियों के नुमाइंदे (जिन्हें स्थानीय स्तर पर सुरेश चंद्रा, अमर और तौसिफ अहमद संभाल रहे हैं) बिना किसी पूर्व सूचना के घरों में घुसकर जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। कई मामलों में पुराने मीटरों का डेटा (IVRS) तक अपडेट नहीं किया जा रहा है।
- अचानक बढ़े हुए बिल: नागरिकों का कहना है कि सामान्य दिनों में जो बिल ₹250 से ₹300 तक आते थे, वे स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹5,000 से लेकर ₹9,000 तक पहुंच गए हैं। यहाँ तक कि कई उपभोक्ताओं के घर फिजिकली स्मार्ट मीटर लगा भी नहीं है, लेकिन सिस्टम में उन्हें स्मार्ट मीटर से जुड़ा बताकर भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।
- कार्यालय में बदसलूकी: जब उपभोक्ता अपनी इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालयों में GM, BGM या अन्य अधिकारियों के पास पहुँचते हैं, तो उनकी सुनवाई करने के बजाय उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है और मनमानी का हवाला दिया जाता है।
उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें और कानूनी कदम की चेतावनी
इस मनमानी से परेशान उपभोक्ताओं ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- पारदर्शी प्रक्रिया: स्मार्ट मीटर लगाने और पुराने मीटर हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
- बढ़े हुए बिलों की जांच: जिन उपभोक्ताओं के बिल अचानक कई गुना बढ़कर आए हैं, उनके मामलों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच हो।
- जिम्मेदारों पर कार्रवाई: उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मनमानी और कथित अवैध वसूली पर रोक नहीं लगी, तो वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस के पास जाकर संबंधित अधिकारियों व निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कदाचार की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कानूनी कदम उठाएंगे।








