MP में ‘अफसरशाही का अभेद्य किला’: जनता त्रस्त, सिस्टम मस्त; क्या ‘अधिकारियों के गुट’ चला रहे हैं मध्य प्रदेश की सरकार?

 इंदौर में दूषित पानी से मौतें, बढ़ता क्राइम और आम आदमी की बेबसीक्याकुर्सीकी रेस में जनता की जान की कोई कीमत नहीं?

भोपाल/इंदौर: मध्य प्रदेश, जिसे कभीशांति का टापूकहा जाता था, आज प्रशासनिक संवेदनहीनता और अपराध की आग में झुलस रहा है। प्रदेश में एक ऐसा दौर शुरू हो गया है जहाँ राजनेताओं से ज्यादा ताकतवर अधिकारियों केगुटनजर रहे हैं। सचिवालय से लेकर कलेक्टोरेट तक, जूनियर से लेकर सीनियर अधिकारियों ने शक्ति का एक ऐसा केंद्र बना लिया है, जहाँ जनता की चीखें फाइलों के नीचे दबकर रह गई हैं।

इंदौर काजलतांडव‘: लापरवाही या प्रशासनिक हत्या?

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, जो स्वच्छता में नंबर वन है, आज दूषित पानी के कारण मातम मना रही है। मासूमों और निर्दोष नागरिकों की मौत का सिलसिला जारी है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी में लगा है? जब अधिकारी सिर्फ अपनीपावरऔर अगलीपोस्टिंगके जुगाड़ में लगे रहते हैं, तब बुनियादी सुविधाएं इसी तरह दम तोड़ती हैं। क्या इन मौतों की जिम्मेदारी उन अधिकारियों की नहीं है जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर सिर्फ आदेश पारित करते हैं?

कुर्सीकी रेस और बिगड़ते हालात

मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में आज एक अजीब सी होड़ मची है। कलेक्टर से कमिश्नर और फिर चीफ सेक्रेटरी बनने की इस अंधी दौड़ ने प्रशासन के मूल उद्देश्य—’जनसेवा‘—को हाशिए पर धकेल दिया है।

         अधिकारियों का सिंडिकेट: प्रदेश में चर्चा है कि कुछ सीमित अधिकारियों का एक शक्तिशाली गुट (Coterie) बन गया है। ये गुट तय करता है कि किसकी फाइल आगे बढ़ेगी और किसकी रुकेगी।

         आम आदमी की अनदेखी: छोटे व्यापारी हों या आम नागरिक, उनकी सुनवाई अब दफ्तरों के चक्कर काटने तक सीमित रह गई है। अधिकारी समस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता कोनियमों के जालमें घुमा देते हैं।

अपराध का बढ़ता ग्राफ: बेखौफ अपराधी, लाचार सिस्टम   

कहीं गला घोंटकर हत्या, तो कहीं सरेआम चोरी। मध्य प्रदेश के शहरों में बढ़ता क्राइम ग्राफ इस बात का सबूत है कि कानून व्यवस्था पर पकड़ ढीली हो चुकी है। जब पुलिस और प्रशासन का ध्यान सिर्फ रसूखदारों को खुश करने और अपनीगुटबाजीको मजबूत करने पर होगा, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है।

क्या मध्य प्रदेशब्यूरोक्रेटिक स्टेटबन चुका है?

पहले कहा जाता था कि नेता अपनी मर्जी चलाते हैं, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पर्दे के पीछे से ब्यूरोक्रेसी ही सरकार चला रही है। यहपावर गेममध्य प्रदेश को विकास की ऊंचाई से नीचे गिरा रहा है। अगर समय रहते इस प्रशासनिक मनमानी पर लगाम नहीं लगाई गई, तो जनता का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

मध्य प्रदेश की जनता आज जवाब मांग रही है। क्या यह प्रदेश सिर्फ कुछखासअधिकारियों की जागीर बनकर रह जाएगा? इंदौर की मौतें और बढ़ता अपराध सिर्फ घटनाएं नहीं, बल्कि एक फेल होते सिस्टम की चेतावनी हैं।

  • gaurav singh rajput

    gaurav singh rajput

    Related Posts

    अशोकनगर में हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग का पर्दाफाश; युवती से वसूले 1.30 करोड़, चांदी की चप्पल पहनती थी मास्टरमाइंड

    अशोकनगर/आदित्य शंकर तिवारी: मध्य प्रदेश के अशोकनगर की 21…

    आगे पढ़ें
    मैडम’ के तेवर पड़े ढीले: हाई-लेवल शिकायत के बाद बदली प्रामोटी IAS की कार्यशैली, अनुशासन में निपटा रहीं काम।

    अफ़सरशाही के गलियारों में इन दिनों एक ‘प्रामोटी आईएएस’…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    असम में घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बोले-वादे शब्दों से नहीं, काम से पूरे होंगे

    असम में घुसपैठ और कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बोले-वादे शब्दों से नहीं, काम से पूरे होंगे

    नॉर्वे के अखबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, पीएम मोदी को बताया दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता

    नॉर्वे के अखबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ, पीएम मोदी को बताया दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब CM भगवंत मान की मुलाकात, कृषि सुधार और किसान कल्याण पर हुई अहम चर्चा

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पंजाब CM भगवंत मान की मुलाकात, कृषि सुधार और किसान कल्याण पर हुई अहम चर्चा

    तमिलनाडु: बहुमत साबित करते ही विवादों में घिरी विजय सरकार, ज्योतिष की नियुक्ति का आदेश रद्द

    तमिलनाडु: बहुमत साबित करते ही विवादों में घिरी विजय सरकार, ज्योतिष की नियुक्ति का आदेश रद्द

    पुडुचेरी: एन. रंगासामी ने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ‘सिंगापुर’ जैसा विकास करने का वादा

    पुडुचेरी: एन. रंगासामी ने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ‘सिंगापुर’ जैसा विकास करने का वादा