
उमरिया/राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट: नेशनल हाईवे-43 पर निर्माणाधीन चार रेलवे ओवरब्रिजों के लंबे समय से अधूरे पड़े कार्य को लेकर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने सख्त कार्रवाई की है। निगम ने निर्माण एजेंसी तिरुपति बिल्डकॉन कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (TBCL) को दो वर्ष के लिए नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है।
इस निर्णय के बाद कंपनी अब अगले दो वर्षों तक राज्य और केंद्र सरकार की किसी भी नई निर्माण परियोजना का ठेका नहीं ले सकेगी। जानकारी के अनुसार, उमरिया जिले से गुजरने वाले एनएच-43 पर अमहा, पठारी, पाली और मोर्चा फाटक (घुनघुटी) पर रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहा था, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका। करीब 12 वर्षों से चल रहे इस प्रोजेक्ट में लगातार देरी और प्रगति की कमी के कारण क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो रहा था और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई थी।
एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने कई बार निरीक्षण किया और संबंधित कंपनी को नोटिस भी जारी किए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कंपनी को नॉन-परफॉर्मर सूची में डाल दिया गया। एमपीआरडीसी शहडोल के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश स्वर्णकार के अनुसार, कंपनी को अब अगले दो वर्षों तक किसी भी सरकारी निर्माण कार्य का नया ठेका नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्य ठेकेदार समूह जेवीआर (GVR) को भी निर्देश जारी किए गए हैं ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले पूरा प्रोजेक्ट GVR को दिया गया था, लेकिन उसने काम TBCB (तिरुपति बिल्डकॉन) को सौंप दिया था। अब GVR को पुनः सक्रिय कर कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने उम्मीद जताई है कि अब अधूरे पड़े रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।
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