मुहर्रम जुलूसों में आतंकवाद विरोधी पोस्टर, पहलगाम, मणिपुर और ईरान जंग का जिक्र बना चर्चा का विषय

मुहर्रम के अवसर पर निकाले गए जुलूसों में इस बार केवल धार्मिक परंपराएं ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की भी झलक देखने को मिली। कई स्थानों पर प्रतिभागियों ने “आतंकवाद शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है” जैसे संदेश वाले पोस्टर लेकर जुलूस में हिस्सा लिया। इन पोस्टरों में पहलगाम आतंकी हमला, मणिपुर में हुई हिंसा और ईरान-इजराइल संघर्ष जैसे विषयों का उल्लेख किया गया, जिनके माध्यम से हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने और शांति का संदेश देने की कोशिश की गई। जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि किसी भी प्रकार का आतंकवाद, हिंसा या निर्दोष लोगों पर हमला मानवता के खिलाफ है और समाज में शांति तथा भाईचारे का वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

जुलूस के दौरान एक अन्य दृश्य भी चर्चा का विषय बना, जहां कुछ युवाओं की टी-शर्ट पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर दिखाई दी। इस पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक या अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति बताया, जबकि अन्य ने इसे सार्वजनिक आयोजनों में ऐसे प्रतीकों के उपयोग पर बहस का विषय माना। फिलहाल इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक आपत्ति या कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया और जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।

मुहर्रम के जुलूसों में सामाजिक संदेश देना कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता जैसे विषय भी इन आयोजनों के माध्यम से उठाए जाते रहे हैं। इस बार आतंकवाद और वैश्विक संघर्षों का जिक्र ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में हिंसा और अस्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है। आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय या देश को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शांति, इंसानियत और सद्भाव का संदेश देना था। हालांकि पोस्टरों और टी-शर्ट से जुड़े कुछ प्रतीकों ने लोगों के बीच चर्चा जरूर छेड़ दी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूरे जुलूस पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए थीं और आयोजन के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ लागू कानूनों और सार्वजनिक व्यवस्था का पालन करना भी आवश्यक है। फिलहाल जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने की जानकारी है और यदि किसी पहलू को लेकर कोई शिकायत या कानूनी मुद्दा सामने आता है, तो संबंधित एजेंसियां नियमानुसार उसकी जांच करेंगी। इस बीच, मुहर्रम के अवसर पर दिए गए शांति और आतंकवाद-विरोधी संदेश की भी व्यापक चर्चा हो रही है।

  • muharram-procession-anti-terror-posters-khamenei-tshirt-pahalgam-manipur
gaurav singh rajput

gaurav singh rajput

Related Posts

करैरा विधानसभा को बड़ी सौगात, करही में 3.13 करोड़ की लागत से 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंजूर

करैरा/ कुलदीप शर्मा: करैरा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं…

आगे पढ़ें
श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए धार्मिक स्थलों और कावड़ मार्गों पर पुलिस तैनात

छतरपुर/ अमित अवस्थी: श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं और…

आगे पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

IPS अधिकारी के पति के संविलियन पर सवाल, 16 साल की सेवा प्रभावित होने का दावा

IPS अधिकारी के पति के संविलियन पर सवाल, 16 साल की सेवा प्रभावित होने का दावा

भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत

भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया तिरंगा यात्रा का नेतृत्व, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत

छिंदवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जन विश्वास अभियान का करेंगे शुभारंभ

छिंदवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जन विश्वास अभियान का करेंगे शुभारंभ

एमपी में आज से जनविश्वास अभियान शुरू, हर शुक्रवार फील्ड में उतरेंगे अफसर

एमपी में आज से जनविश्वास अभियान शुरू, हर शुक्रवार फील्ड में उतरेंगे अफसर

झारखंड: प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, सीबीआई जांच की मांग के साथ सड़क से सदन तक आंदोलन का ऐलान

झारखंड: प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, सीबीआई जांच की मांग के साथ सड़क से सदन तक आंदोलन का ऐलान