
मैहर: पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने मैहर जिले स्थित स्वामी नीलकंठ महाराज के ओइला आश्रम की परिसंपत्तियों के कथित शोषण और अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह आश्रम क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए इसकी संपत्तियों के संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि स्वामी नीलकंठ महाराज ने रामपुर पहाड़, पन्नीखोह सहित कई स्थानों पर साधना कर क्षेत्र के जनकल्याण के लिए कार्य किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर कुछ लोगों ने निजी स्वार्थ के लिए आश्रम की परिसंपत्तियों का दोहन किया और इसे शोषण का केंद्र बना दिया।
उन्होंने कहा कि मैहर एक प्रमुख धार्मिक नगरी है, जहां मां शारदा मंदिर के अलावा कई मठ और मंदिर हैं। इन धार्मिक संस्थानों के पास पर्याप्त संपत्तियां हैं, लेकिन प्रशासनिक निगरानी के अभाव में उनकी परिसंपत्तियों के दुरुपयोग की आशंकाएं बनी रहती हैं। त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि जब मंदिर और धार्मिक संस्थान ट्रस्ट तथा जिला प्रशासन की निगरानी में हैं, तो उनकी परिसंपत्तियों में कथित अनियमितताएं कैसे हो रही हैं।
उन्होंने मांग की कि नीलकंठ आश्रम की सभी परिसंपत्तियों का विस्तृत सत्यापन कराया जाए और पूर्व में हुई कथित अनियमितताओं एवं शोषण की स्वतंत्र जांच समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो धार्मिक स्थलों की संपत्तियों के संरक्षण पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करने की अपील की।
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