
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कार्यवाहक वनपाल को ₹78 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर जब्त ट्रक छोड़ने और जुर्माने की राशि कम कराने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को पहली किश्त लेते ही दबोच लिया।
लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार, शिकायतकर्ता नीरज यादव (34) निवासी ग्राम धनीपुर, जिला सीतापुर (मध्य प्रदेश) ने 10 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 7 जून 2026 को लकड़ी से भरा ट्रक लेकर मुरादाबाद जाते समय वन चौकी त्योंथर (वन परिक्षेत्र सिरमौर) के कर्मचारियों ने वाहन जब्त कर लिया था। आरोप है कि ट्रक छोड़ने और जुर्माना कम कराने के बदले कार्यवाहक वनपाल दिनेश कुमार ने ₹2 लाख की रिश्वत मांगी।
शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने 25 जुलाई 2026 को रीवा-सेमरिया रोड स्थित स्वर्णलोक ढाबा के पास जाल बिछाया। यहां आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹78 हजार की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया और उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में की गई। लोकायुक्त संगठन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना लोकायुक्त रीवा की हेल्पलाइन 98936 07619 पर देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करें।
ये भी पढ़े – रीवा संभाग के औद्योगिक विकास पर बैठक: सतना चेंबर ने रखे उद्योगों से जुड़े सुझाव
- rewa-lokayukta-traps-acting-forest-guard-taking-rs-78000-bribe-over-truck-release










