
खंडवा जिले स्थित प्रसिद्ध ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की दान राशि को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मंदिर की आय-व्यय का विवरण पिछले एक वर्ष से सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसे लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
एक साल से सार्वजनिक नहीं हुआ आय-व्यय का विवरण
जानकारी के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दानपात्र में बड़ी संख्या में चढ़ावा चढ़ाया जाता है। हालांकि, पिछले एक वर्ष से मंदिर की कुल आय, खर्च और दान राशि का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे दान राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने पारदर्शिता की मांग की
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर की आय-व्यय का नियमित विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि दान राशि के उपयोग को लेकर किसी तरह की शंका न रहे। उनका मानना है कि इससे मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि जल्द ही आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा और उठ रहे सवालों का जवाब मिलेगा।
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