
सागर।मनीष कुमार चौबे| शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर में पीएम-उषा परियोजना के तहत सॉफ्ट कंपोनेंट (स्किल) तृतीय चरण में आयोजित रोजगारमूलक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का समापन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। अतिथियों ने युवाओं को डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल और आधुनिक तकनीक सीखने के लिए प्रेरित किया।
डिग्री के साथ व्यावहारिक हुनर जरूरी: डॉ. सरोज गुप्ता
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री तक सीमित न रहने और आधुनिक तकनीक के साथ व्यावहारिक हुनर विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने वीडियो एडिटिंग प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अपनी ओर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की।
निरंतर सीखने से युवा बनेंगे सक्षम: निधि जैन
मुख्य अतिथि दैनिक आचरण समूह की प्रबंध संपादक निधि जैन ने कहा कि निरंतर सीखने की आदत युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक और कौशल का उपयोग कर मीडिया और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. के.एस. पित्रे ने की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। रोजगार के लिए व्यावहारिक कौशल भी जरूरी है।
वेब डेवलपमेंट से मोबाइल रिपेयरिंग तक प्रशिक्षण
पीएम-उषा परियोजना प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी और संयोजक डॉ. शुचिता अग्रवाल के नेतृत्व में विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित किए गए। इनमें वेब डेवलपमेंट में 40, वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी में 40, मोबाइल रिपेयरिंग में 34, राखी निर्माण एवं ब्यूटीशियन में 40 और आत्मरक्षा में 37 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया।
इस तरह कुल 191 विद्यार्थियों को रोजगारमूलक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र और प्रोत्साहन राशि
समारोह में विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई कला और कौशल का प्रदर्शन भी किया। अतिथियों ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने वीडियो एडिटिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अंकित अहिरवार सहित 15 विद्यार्थियों को अपनी ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
कार्यक्रम में एमएमआरसी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी, डेटा एनालिस्ट रेशु जैन भसीन, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मोनिका हार्डीकर, कवयित्री संध्या सरवटे, युवा उद्यमी ऋतु सिंह सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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