
रतलाम: नामली तहसील में महू-नीमच हाईवे के पलदूना फंटे पर हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद भारी बवाल हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और टोल कंपनी पर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब 19 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया।
घटना 30 अप्रैल की रात की है, जब नामली निवासी मुकेश कुमावत अपने परिजनों के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इलाज के दौरान 1 मई को इंदौर में उनकी मौत हो गई।मृत्यु की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पलदूना फंटे पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि मांगें पूरी नहीं होने पर मौके पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पुलिस बल तैनात करना पड़ा।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग और क्रॉसिंग सुधार जैसी 12 मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के सहायक प्रबंधक अमित भूरिया और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति शांत हुई।
अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई, हाईवे की कमियों को दूर करने और योग्यता अनुसार परिवार के सदस्य को नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे धरना समाप्त हुआ और मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
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