
सतना/ राजकुमार बजाज: रीवा संभाग के औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर संभागायुक्त कार्यालय रीवा के सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संभागीय आयुक्त शैलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सतना चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा के नेतृत्व में चेंबर के प्रतिनिधिमंडल ने शामिल होकर सतना के औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न सुझाव रखे।
बैठक में रीवा संभाग के बड़े उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में आ रही समस्याओं और विकास की संभावनाओं से संभागायुक्त को अवगत कराया।
सतना में एमपीआईडीसी कार्यालय खोलने की मांग
चेंबर महामंत्री मनोज कटारे ने बताया कि चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने उद्योगों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने सतना में एमपीआईडीसी का कार्यालय खोलने की दिशा में त्वरित प्रयास करने की मांग रखी। इसके अलावा सतना में संचालित चावल मिलों की समस्याओं के समाधान का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
शहरी क्षेत्र में संचालित सॉ मिलों के लिए शहर के आसपास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त लकड़ी उद्योग क्लस्टर स्थापित करने का सुझाव दिया गया। वहीं रेडीमेड वस्त्र, फूड प्रोसेसिंग और फर्नीचर उद्योगों के लिए सुविधायुक्त क्लस्टर विकसित करने की मांग रखी गई।
औद्योगिक क्लस्टर और स्किल डेवलपमेंट पार्क पर जोर
चेंबर प्रतिनिधियों ने उचेहरा में धातु उद्योग के लिए क्लस्टर आधारित विकास की आवश्यकता बताई। साथ ही बड़े उद्योगों में आवश्यक कुशल श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सतना में स्किल डेवलपमेंट पार्क स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
बैठक में प्रस्तावित आईटी पार्क की योजना को जल्द लागू करने और प्रस्तावित कंटेनर डिपो की योजना को शीघ्र अमल में लाने की मांग भी रखी गई। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर भी जोर दिया गया।
बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठा
33 और 11 केवीए के उपभोक्ताओं को निर्बाध और स्थिर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग की गई। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के नियमित रखरखाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
इसके अलावा सतना में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और इन्वेस्टर्स मीट आयोजित करने का सुझाव दिया गया। कोयला आधारित पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाईऐश के प्रभावी प्रबंधन के लिए 150 किलोमीटर की परिधि में फ्लाईऐश का उपयोग करने वाले उद्योगों को निशुल्क फ्लाईऐश उपलब्ध कराने का सुझाव भी चेंबर की ओर से रखा गया।
संभागायुक्त बोले-उद्योगों के विकास के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों के सुझाव सुनने के बाद संभागीय आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि उद्योगपति अपने निवेश और मेहनत के माध्यम से प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उद्योग रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की मंशा उद्योगों और उद्यमियों के लिए सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने की है।
संभागायुक्त ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए इस तरह की बैठकें हर महीने आयोजित की जाएंगी। उन्होंने संभाग में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा, महामंत्री मनोज कटारे, मंत्री मनोज अरोरा, सहमंत्री हिमांशु सिंह अरोरा, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष मनविंदर ओवेराय, चेंबर सदस्य राजेश बड़ेरिया, नितेश बड़ेरिया, गोपी गेलानी और मनोज अग्रवाल मौजूद रहे।
- Rewa Division Industrial Development Meeting Satna Chamber Suggestions







