
रीवा/अरविंद तिवारी की रिपोर्ट: रीवा सिटी कोतवाली पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए सिक्योरिटी गार्ड अनूप सेन की हत्या के मामले में उसके दो करीबी दोस्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने कंपनी में अनूप की बढ़ती जिम्मेदारी और तरक्की से जलन के चलते उसकी हत्या की साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसकी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए और पहचान छिपाने के लिए बाइक का नंबर भी बदल दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक ने बताया कि 18 मई को अनूप सेन के लापता होने की सूचना सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के महुरिया जंगल से एक नरकंकाल बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में अनूप सेन के रूप में हुई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिचितों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर संदेह मृतक के दोस्त यशवंत चतुर्वेदी और उसके जीजा पंकज शुक्ला पर गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि अनूप सेन जिस कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत था, वहां उसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही थी। उसे कर्मचारियों की भर्ती सहित अन्य जिम्मेदारियां भी मिलने लगी थीं। इसी बात से दोनों आरोपी नाराज थे और उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत दोनों आरोपी अनूप को बहाने से उत्तर प्रदेश के महुरिया जंगल ले गए।
वहां पहले उसे शराब पिलाई गई और फिर गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसकी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, घटना को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए बाइक का नंबर भी बदल दिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद कर ली है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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