
सागर/मनीष कुमार चौूबे की रिपोर्ट: पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” जनजागरूकता अभियान के 12वें दिन सागर पुलिस द्वारा व्यापारी वर्ग, स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर नशा विरोधी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शॉपिंग मॉल, प्रमुख बाजारों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस टीमों ने आम नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव डालती है। नशे के कारण आर्थिक, मानसिक और शारीरिक समस्याएं बढ़ती हैं, इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को नशामुक्ति अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पुलिस ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों के माध्यम से भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें। साथ ही किसी भी प्रकार के अवैध मादक पदार्थों के कारोबार या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। सामाजिक संगठनों और एनजीओ प्रतिनिधियों ने भी अभियान में सहयोग करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर ही नशे की प्रवृत्ति को कम किया जा सकता है।
अभियान के दौरान उपस्थित नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। सागर पुलिस द्वारा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत आने वाले दिनों में भी जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए नशामुक्त सागर के निर्माण की दिशा में जनआंदोलन खड़ा करना है।
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