सीहोर: बारिश में बस किराया कम कराने धरने पर बैठीं छात्राएं, तहसीलदार बोलीं-फैसला सरकार के अधिकार क्षेत्र में

सीहोर।नफीस खान| सीहोर जिले के भेरूंदा में बस किराया कम करने की मांग को लेकर छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया। भेरूंदा बस स्टॉप पर बड़ी संख्या में छात्राएं तेज बारिश के बीच धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का कहना है कि बढ़ा हुआ बस किराया उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है और रोजाना स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राओं ने मांग पूरी होने तक धरना खत्म करने से इनकार कर दिया।

छात्राओं का कहना है कि जब बस संचालक किराया बढ़ाने का फैसला कर सकते हैं, तो विद्यार्थियों को राहत देने के लिए किराया कम करने की पहल भी होनी चाहिए।

तहसीलदार ने कहा-किराया कम करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में

मौके पर पहुंचीं तहसीलदार ने छात्राओं से चर्चा करते हुए बताया कि बस किराया कम करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि किराए को लेकर निर्णय सरकार के स्तर पर लिया जा सकता है।

इसके बावजूद छात्राएं बारिश के बीच धरने पर बैठी रहीं और प्रशासन से उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने तथा ठोस कार्रवाई की मांग करती रहीं।

कांवड़ यात्रा से पहले प्रदर्शन

भेरूंदा में इसी दिन विशाल कांवड़ यात्रा भी प्रस्तावित थी। रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान के शामिल होने की बात कही जा रही थी। यात्रा शुरू होने के करीब चार घंटे पहले छात्राओं ने बस किराया कम कराने की मांग को लेकर धरना शुरू किया।

नगर की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के बीच स्थानीय लोगों ने नगर की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि नगर की एक पुलिया के नीचे कई दिनों से पानी भरा हुआ था और शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा और वीआईपी कार्यक्रम को देखते हुए अचानक मशीनें लगाकर रास्ते पर गिट्टी डालने का काम शुरू किया गया। लोगों का सवाल है कि जिन रास्तों से रोजाना स्कूली बच्चे और आम नागरिक गुजरते हैं, उनकी समस्याओं पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया।

बरसात के दौरान कीचड़ और जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को परेशानी होने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अब देखना होगा कि बस किराए को लेकर छात्राओं की मांग पर प्रशासन और सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।

ये भी पढ़े – मैहर में NHRC के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल ने किया विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण

 

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