
टीकमगढ़/धर्मेंद्र सिंह लोधी की रिपोर्ट: जिले में अवैध वनोपज परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेमल की लकड़ी से भरे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। पलेरा क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज के पास वाहन जांच अभियान के दौरान बिना वैध अभिवहन अनुज्ञा (टीपी) के परिवहन की जा रही बेशकीमती सेमल की लकड़ी पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग के अनुसार, मुख्य वन संरक्षक, छतरपुर वृत्त के मार्गदर्शन तथा वन मंडलाधिकारी टीकमगढ़ के निर्देशन में वन परिक्षेत्र जतारा की टीम ने 1 अगस्त 2026 को पलेरा स्थित आईटीआई कॉलेज के समीप विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान एक पावरट्रैक यूरो-50 ट्रैक्टर को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बिना वैध अनुमति के सेमल की लकड़ी का परिवहन किया जा रहा था।
जांच में ट्रैक्टर से सेमल की 6 नग लकड़ियां, जिनकी कुल मात्रा 1.016 घनमीटर पाई गई, बरामद की गईं। वाहन चालक परिवहन से संबंधित कोई वैध अभिवहन अनुज्ञा (टीपी) अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41 एवं मध्यप्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम, 2000 (संशोधित 2022) के तहत ट्रैक्टर और लकड़ी को विधिवत जब्त कर लिया।
वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 262/06, दिनांक 1 अगस्त 2026 दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच जारी है और संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। यह कार्रवाई वन परिक्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार अहिरवार के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में जालम प्रजापति, धीरज सोनी, विकास बाबू वर्मा, ललित राय, संजय दीक्षित, अशोक महान, जयराम अहिरवार, जय प्रकाश यादव, राजकुमार अहिरवार और अनिल द्विवेदी सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वनोपज का परिवहन केवल वैध अभिवहन अनुज्ञा (टीपी) एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई और वनोपज की तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
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