
भोपाल। तबादला सत्र के दौरान एक महत्वपूर्ण विभाग में तबादला सूची को लेकर मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव के बीच मतभेद की चर्चा प्रशासनिक गलियारों में जोरों पर रही। बताया जा रहा है कि इसी खींचतान के कारण विभाग की तबादला सूची तय समय सीमा के भीतर जारी नहीं हो सकी।
सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव ने विभागीय आवश्यकताओं और प्रशासनिक मानकों के आधार पर तबादला सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा से पहले अनुमोदन के लिए मंत्री के पास भेज दी थी। लेकिन सूची पर तत्काल सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते प्रक्रिया अटक गई।
चर्चा है कि सूची में कुछ ऐसे नाम शामिल नहीं थे, जिन्हें मंत्री स्तर पर प्राथमिकता दी जा रही थी। इसी कारण सूची पर आपत्तियां सामने आईं और अनुमोदन टल गया। परिणामस्वरूप विभाग की तबादला सूची निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी नहीं हो पाई।
हालांकि बाद में मुख्यमंत्री स्तर से तबादलों की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के बाद स्थिति में बदलाव आया। बताया जाता है कि इसके बाद मंत्री और प्रमुख सचिव के बीच कई दौर की चर्चा हुई और सूची में कुछ संशोधन किए गए।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके चलते विभाग की तबादला सूची अंतिम समय में जारी की जा सकी। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर तबादलों में प्रशासनिक आवश्यकता और राजनीतिक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल विभागीय स्तर पर मामला शांत माना जा रहा है, लेकिन तबादला प्रक्रिया के दौरान हुई इस खींचतान की चर्चा अभी भी नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में जारी है।








