
भारत और अमेरिका के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण आश्वासन सामने आया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा है कि अमेरिका ने भरोसा दिलाया है कि भारत को एक बार किसी उन्नत तकनीक तक पहुंच मिलने के बाद उसे भविष्य में वापस नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, उन्नत कंप्यूटिंग और अन्य रणनीतिक तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। अमेरिका की ओर से दिया गया यह आश्वासन भारत के लिए दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी को और अधिक विश्वसनीय बनाता है।
एस. कृष्णन के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच विश्वास आधारित तकनीकी सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे भारतीय उद्योग, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई संभावनाएं मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आश्वासन ऐसे समय आया है जब दुनिया में संवेदनशील तकनीकों की पहुंच को लेकर कई देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में अमेरिका का यह रुख भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच उभरती तकनीकों में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में नवाचार, निवेश और डिजिटल विकास को नई गति दे सकता है।








