
मध्य पूर्व में तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन बाद में स्थिति कुछ सामान्य होने के संकेत मिलने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई।
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की चिंता इस बात को लेकर थी कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल व्यापक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम होने से बाजार का दबाव कुछ घटा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की भू-राजनीतिक हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशक अभी भी मध्य पूर्व की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यदि क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ता है या तेल परिवहन प्रभावित होता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल कीमतों में आई नरमी से वैश्विक बाजारों को कुछ राहत मिली है, लेकिन ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।








