
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार का फोकस अब स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर व सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने पर है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों में मौजूद सभी अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाए। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं की कमी अब स्वीकार्य नहीं होगी।
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सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत प्रदेश के स्कूलों में सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर स्कूल की जरूरतों का गैप एनालिसिस किया जाएगा और जहां संसाधनों की कमी होगी, वहां CSR और अन्य सहयोग से व्यवस्थाएं पूरी की जाएंगी।
इसके साथ ही माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के जरिए स्कूलों की अधोसंरचना को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया है। जिन विद्यालयों में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर समेकित प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जाएगा।
सरकार ने ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से सभी स्कूलों को जोड़ने की प्रक्रिया भी तेज करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्कूल अपनी जरूरतें ऑनलाइन दर्ज कर सकें और एनजीओ, CSR एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से उन्हें पूरा किया जा सके।योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और आधुनिक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
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