
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां साढ़े चार वर्षीय मादा कैंप हाथी “गायत्री” की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना ने वन महकमे के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी हलचल मचा दी है।
वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया
जानकारी के अनुसार, मौत से पहले हाथी में दस्त के लक्षण देखे गए थे, जो बाद में गंभीर रूप लेते हुए मल द्वार से रक्तस्राव तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए जबलपुर से विशेष वन्यजीव चिकित्सकीय दल को तत्काल बुलाया गया।
प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू
चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस मौत के पीछे एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रबंधन ने बिना देर किए केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट एलीफेंट प्रभाग द्वारा निर्धारित एसओपी लागू कर दी।
प्रक्रिया के दौरान प्रतिनिधि मौजूद रहे
संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए मादा हाथी के शव का वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित दहन किया गया, ताकि बीमारी के संभावित प्रसार पर रोक लगाई जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र संचालक महेंद्र प्रताप सिंह, एनटीसीए के प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेंद्र प्रजापति, सरपंच सालेहा खान, डॉ. काजल जाधव सहित अन्य अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के निर्देश
वहीं जिला चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट करते हुए संबंधित लोगों के टीकाकरण और आवश्यक गाइडलाइन के पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं। वन विभाग अब पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। गायत्री’ की मौत ने जहां एक खालीपन छोड़ा है, वहीं एन्थ्रेक्स की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सख्त कर दिया है।
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