
लखनऊ: एसटीएफ ने कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सुपर डिस्ट्रीब्यूटरों समेत छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। एसटीएफ पिछले छह महीने से मामले की गहन विवेचना कर रही थी और जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पिछले वर्ष बड़े स्तर पर चल रहे कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट का खुलासा किया था। मामले में जीआर ट्रेडिंग के मालिक विभोर राणा, मारुति मेडिकोज के सचिन कुमार, एबी फार्मास्युटिकल के अभिषेक शर्मा समेत विशाल सिंह, बिट्टू कुमार और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
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जांच में सामने आया कि विभोर राणा एंड कंपनी वर्ष 2019 से कफ सिरप की अवैध तस्करी में शामिल थी। एसटीएफ ने जब फर्मों के रिकॉर्ड, बैंक खातों और एबॉट कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि चार वर्षों में करीब 400 करोड़ रुपये की खरीद कर 1200 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री की गई।
एसटीएफ ने सिंडिकेट की पूरी सप्लाई चेन और नेटवर्क का पता लगाया है। जांच में सामने आया कि सिंडिकेट एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था और बाद में नेपाल व बांग्लादेश तक इसकी तस्करी की जाती थी। जांच एजेंसियों ने बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और सप्लाई रूट की विस्तृत जानकारी चार्जशीट में शामिल की है।
मामले में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा और विकास समेत अन्य आरोपी भी जेल में बंद हैं। एसटीएफ जल्द इनके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। वहीं विदेश में बैठे सिंडिकेट सरगना शुभम जायसवाल, गौरव और वरुण सिंह को भारत लाने की प्रक्रिया भी जारी है। एजेंसियों ने उनके पासपोर्ट निरस्त कर लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है।
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