
कासगंज: गंजडुंडवारा क्षेत्र में संचालित ईंट भट्टों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष देखने को मिल रही है। आरोप है कि कई ईंट भट्टे प्रदूषण नियंत्रण मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं, जिससे आसपास के इलाके में तीखी धुआं फैल रहा है और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भट्टों की चिमनियों से निकलने वाला काला धुआं और राख वातावरण को लगातार व्यवस्थित कर रहे हैं। लोगों के अनुसार क्षेत्र में दमा, खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
बच्चों और किसानों ने आरोप लगाया कि ईंट भट्टों से निकलने वाली अत्यधिक गर्मी और व्यवस्थित गैसों के कारण आसपास के पेड़-पौधे और बाग भी प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर हरियाली लगी है और फसलों की पैदावार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के बावजूद कई भट्टे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि आखिर किन लोगों के संरक्षण में ये भट्टे लगातार चल रहे हैं और संबंधित विभाग कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द जांच कर मानकविहीन ईंट भट्टों पर कार्रवाई की मांग की है।
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