
नई दिल्ली: राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने कल शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में वर्ष 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 15 नर्सों को सम्मानित किया गया।
समाज सेवा के प्रति निष्ठा
इन नर्सों को उनके असाधारण समर्पण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में योगदान और समाज सेवा के प्रति निष्ठा के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा तथा राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग कर्मी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं और कठिन परिस्थितियों में भी वे उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका समर्पण और करुणा समाज के लिए प्रेरणादायक है।
जे. पी. नड्डा का बयान
इस अवसर पर मंत्री जे.पी. नड्डा ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम “हमारी नर्सें। हमारा भविष्य। सशक्त नर्सें जीवन की रक्षा करती हैं” को दोहराते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि नर्सों के कल्याण में निवेश, स्वस्थ समाज और मजबूत भविष्य की नींव है।
पुरस्कार का स्वरूप
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार पंजीकृत नर्सों, एएनएम, प्रसूति सहायिकाओं और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया जाता है। प्रत्येक पुरस्कार में ₹1,00,000 नकद, एक प्रशस्ति पत्र और पदक शामिल होता है।
2026 के विजेता
इस वर्ष विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित 15 नर्सों को सम्मानित किया गया, जिनमें कई क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मी शामिल हैं।
2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित 15 नर्सों के नाम:
- सुश्री कुलविंदर परही (लद्दाख)
- सुश्री उज्वला महादेव सोयम (महाराष्ट्र)
- सुश्री लालेंथांगी हनमते (मिजोरम)
- सुश्री मधु माला गुरुंग (सिक्किम)
- सुश्री पूजा परमार राणा (उत्तराखंड)
- सुश्री गीता कर्माकर (पश्चिम बंगाल)
- सुश्री पूनम वर्मा (चंडीगढ़)
- सुश्री दीपा बिजू (दादरा और नगर हवेली और दमन व दीव)
- डॉ. श्रवण कुमार ढाका (दिल्ली)
- सुश्री रक्षा रूपो पर्वतकर (गोवा)
- सुश्री कविता जगन्नाथ (कर्नाटक)
- सुश्री मंजू मोल वीएस (केरल)
- सुश्री आयशा बीबी के (लक्षद्वीप)
- प्रो. (डॉ.) आर. शंकर षणमुगम (तमिलनाडु)
- मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी (रक्षा मंत्रालय, दिल्ली)
नर्सिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सुधारात्मक कदम
सरकार ने नर्सिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इसके तहत नर्सिंग और मिडवाइफरी शिक्षा का आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता का विस्तार और मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना जैसी योजनाएं शामिल हैं।
यह पुरस्कार न केवल नर्सिंग पेशे में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।
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