
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए ‘एक जिला-एक नदी’ अभियान के तहत छोटी और विलुप्त हो रही नदियों के पुनरुद्धार का कार्य शुरू किया है। इस पहल के अंतर्गत गोमती, नीम, काली सहित कई छोटी नदियों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के सहयोग से प्रदेश भर में नदियों की सफाई, गाद निकालने, नहरों के चौड़ीकरण, पौधरोपण और घाटों के पुनर्निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया गया है, जिससे जलधाराओं को पुनः प्रवाहमान बनाने में सहायता मिली है।
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अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान से न केवल पर्यावरणीय सुधार हो रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। परियोजनाओं के माध्यम से हजारों मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ है और बड़ी संख्या में किसानों ने प्राकृतिक खेती की ओर रुख किया है। गोमती नदी के पुनरुद्धार के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में कार्य किया गया, जिससे नदी के प्रवाह में सुधार हुआ है। वहीं नीम और काली नदी सहित अन्य जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
सरकारी प्रयासों के तहत जल संरचनाओं के आसपास रिचार्ज पिट, फिल्टर कक्ष और पौधरोपण जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे भूजल स्तर में सुधार और सिंचाई की सुविधा बढ़ सके। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों से विलुप्त हो चुकी छोटी नदियों को पुनर्जीवन मिल रहा है, जिससे बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और पर्यावरण संतुलन में मदद मिल रही है। साथ ही इन क्षेत्रों में सांस्कृतिक गतिविधियों जैसे आरती और योग सत्रों का भी पुनरारंभ हुआ है।
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